होता ज़रूर है सवेरा, रात बीत जाने पर,
दिल के आँखों की चादर हटने की देर है केवल,
गुलज़ार होता है समां, फ़िज़ा रंगीन होती है,
सब्र और श्रद्धा रखने की देर है केवल।।

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