आवारा तो मैं था ही,अब बंजारा भी हो गया,
तुझसे यूँ बिछड़ के, बेचारा सा हो गया,
मुझे तो तेरी आँखों की मैकशी ने मारा,
इश्क़ की तिश्नगी में परवाना मैं खो गया।।

Advertisements