वाक़ीफ हैं हम भी की एहसास ए दोस्ती कोई नुमाइश की चीज़ नहीं,
बस जशन मना कर कोशिश कर लेते हैं उन वक़्त के छोटे टुकड़ों को ‘पलों’ में तबदील करने की।।

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